processApi - method not exist
Home Supreme Court News NCLAT Case: CJI ने कहा- जस्टिस चीमा दफ्तर जाकर ही सुनाएंगे आदेश,...

NCLAT Case: CJI ने कहा- जस्टिस चीमा दफ्तर जाकर ही सुनाएंगे आदेश, नहीं माना केंद्र तो कानून पर लगाएंगे रोक

New Delhi: NCLAT case राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के अध्यक्ष जस्टिस एआईएस चीमा का कार्यकाल समय से पहले पूरा करने का विवाद सुप्रीम कोर्ट की कड़ी चेतावनी के बाद समाप्त हो गया। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने पहले जस्टिस चीमा को 20 सितंबर तक सेवा में बहाल रखते हुए सभी सुविधाएं देने की बात कोर्ट को बताई, हालांकि इस दौरान उन्हें दफ्तर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।

इस पर चीफ जस्टिस एनवी रमण की पीठ ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। जस्टिस चीमा को दफ्तर जाकर लंबित फैसले सुनाने होंगे। अगर आप ऐसी व्यवस्था नहीं कर सकते तो हम अपनी स्वत: संज्ञान शक्ति का इस्तेमाल कर उस कानून पर ही रोक लगा देंगे, जिसके तहत आपने उन्हें समय से पहले सेवानिवृत्त किया। इसके बाद केंद्र सरकार ने जस्टिस चीमा को दफ्तर जाने की अनुमति देने का फैसला किया।

तब तक नियुक्त नए अध्यक्ष जस्टिस वेणुगोपाल को छुट्टी पर भेजने की व्यवस्था दी। जस्टिस चीमा ने याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार द्वारा एनसीएलएटी के न्यायिक सदस्य के रूप में उनके कार्यकाल को दस दिन कम करने के निर्णय को चुनौती दी थी। जस्टिस चीमा का कार्यकाल 20 सितंबर तक था, लेकिन सरकार ने एक आदेश पास कर 10 सितंबर को ही उन्हें कार्यमुक्त कर 11 सितंबर से मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एम वेणुगोपाल को नया अध्यक्ष नियुक्ति कर दिया।

इसे भी पढ़ेंः SEXUAL ABUSE CASE: सुनील तिवारी की पत्नी ने मांगी सीबीआई जांच, कहा- सीएम से जुड़ा मामला उठाने पर उन्हें फर्जी केस में फंसाया

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुनवाई के दौरान पीठ को बताया कि सरकार जस्टिस चीमा को 20 सितंबर तक सभी सुविधाएं देने को तैयार है, लेकिन उन्हें घर पर ही रहना होगा। वे दफ्तर जाएंगे तो यह नए अध्यक्ष के लिए दुविधा की स्थिति होगी। इस पर पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा कि इसके लिए आप जिम्मेदार हैं। ये सब आपका (सरकार) का किया हुआ है। आप भी वरिष्ठ वकील हैं।

आप ही बताएं जस्टिस चीमा को जो फैसले सुनाने हैं, वह बिना दफ्तर जाए कैसे संभव है। अगर ये फैसले अभी नहीं सुनाए जाते तो इन मामलों में फिर से सुनवाई होगी, समय बर्बाद होगा। इस सब के लिए केंद्र ही जिम्मेदार होगा। पीठ ने कहा कि आप जिस न्यायाधिकरण सुधार कानून 2021 का हवाला दे रहे हैं। अगर जस्टिस चीमा को दफ्तर जाने से रोका, तो हम अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे और इस कानून पर ही स्टे लगा देंगे।

इस पर अटॉर्नी जनरल ने पीठ से सरकार के निर्देश लेने का वक्त मांगा। इसके बाद अदालत ने इस मामले में सुनवाई कुछ देर के लिए रोक दी। कुछ देर बाद में अटॉर्नी जनरल ने आकर पीठ को बताया कि सरकार जस्टिस चीमा को दफ्तर जाकर आदेश सुनाने देने के लिए तैयार है। इसके बाद जस्टिस चीमा के कार्यकाल को लेकर उठे विवाद पर विराम लग गया।

RELATED ARTICLES

Mediclaim Policy पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, कहा-बीमा किया है तो देना होगा क्लेम

New Delhi: Mediclaim Policy सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक बार बीमा करने के बाद बीमा कंपनी प्रस्तावक फार्म में उजागर...

धर्म संसद में नरसंहार के आह्वान का आरोप, CJI को वकीलों ने लिखा पत्र; संज्ञान लेने की मांग

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के 76 अधिवक्ताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना को पत्र लिखा है। पत्र में हरिद्वार...

Matrimonial Disputes: पति के परिवार को क्‍यूं घसीटा जा रहा..? सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश किया रद्द

New Delhi: Matrimonial Disputes दहेज उत्पीड़न के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला और एक पुरुष के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

JSSC News: प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

JSSC News: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के...

RIMS News: रिम्स में रिक्त पद पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- अधिवक्ता की बजाय क्यों नहीं रिम्स निदेशक को बदल दें

RIMS News: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने आदेश देने के बाद भी...

7th JPSC PT Exam News: सातवीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम होगा जारी, जेपीएससी ने हाईकोर्ट से मांगी अनुमति

7th JPSC PT Exam News: सातवीं से दसवीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का संशोधित रिजल्ट जारी किया जाएगा। जेपीएससी की ओर...

SP Amarjeet Balihar murder case: फांसी की सजा पाए दो नक्सलियों की अपील पर बहस पूरी, अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में पाकुड़ के पूर्व एसपी अमरजीत बलिहार की हत्या...