एनआईए कोर्ट ने कहा– भूमिका गंभीर, हाईकोर्ट पहले ही ठहरा चुका है सक्रिय सहयोगी
Ranchi News: लांजी जंगल में हुए भीषण आईईडी ब्लास्ट मामले में जेल में बंद आरोपी मंगल मुंडा को एनआईए की विशेष अदालत से जमानत नहीं मिली। सिविल कोर्ट रांची स्थित एनआईए कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की भूमिका गंभीर है और झारखंड हाईकोर्ट पहले ही उसकी सक्रिय संलिप्तता पर टिप्पणी कर चुका है। आरोपी 13 मार्च 2021 से न्यायिक हिरासत में है। यह मामला 4 मार्च 2021 को पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी जंगल में हुए आईईडी विस्फोट से जुड़ा है। इस हमले में झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ के तीन जवान शहीद हुए थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना को प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI (माओवादी) द्वारा अंजाम दिया गया था।
एनआईए के अनुसार आरोपी माओवादी संगठन का ओवर ग्राउंड वर्कर था और आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के पाइप की सप्लाई करता था। मोबाइल रिकॉर्ड समेत अन्य साक्ष्यों से उसके माओवादी नेताओं के संपर्क में रहने की पुष्टि हुई है। अदालत ने बताया कि आरोपी की जमानत याचिका पहले भी खारिज हो चुकी है, जिसे झारखंड हाईकोर्ट ने 12 मार्च 2024 को बरकरार रखा था। कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के कारण लंबी हिरासत के आधार पर भी जमानत नहीं दी जा सकती।