दोनों आरोपी पांच साल 11 महीने से है जेल में बंद
Ranchi News: माओवादी संगठन के ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में सक्रिय राजेश कुमार गंझू एवं बैजनाथ गंझू को अदालत से झटका लगा है। सिविल कोर्ट रांची के एनआईए के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने दोनों आरोपियों की ओर से दाखिल जमानत याचिका सुनवाई पश्चात खारिज कर दी। दोनों जनवरी 2020 से ही लगातार जेल में है। दोनों ने अलग-अलग जमानत की गुहार लगाते हुए पिछले दिनों याचिका दाखिल की थी। मामला चंदवा थाना कांड संख्या 04/2020 से संबंधित है, जिसकी जांच बाद में एनआईए ने टेक ओवर कर जांच प्रारंभ की। पुलिस और एनआईए के अनुसार राजेश कुमार गंझू और बैजनाथ गंझू कथित रूप से माओवादी संगठन के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में सक्रिय था और सह-आरोपी रवींद्र गंझू से संपर्क में था। कथित तौर पर उसके पास से पांच लाख रुपये की उगाही राशि से जुड़े दस्तावेज, बैंक पासबुक और आधार कार्ड बरामद हुए थे। अभियोजन के अनुसार दोनों आरोपी और उसके सहयोगियों ने ठेकेदारों से लेवी वसूली कर माओवादियों तक पहुंचाई। एनआईए ने चार्जशीट में कॉल डिटेल्स, गवाहों के बयान और जब्ती सूची के आधार पर आरोपी की भूमिका को गंभीर बताया है।
Jharkhanad News/NIA: जबरन वसूली मामले में कथित माओवादी सहयोगी राजेश और बैजनाथ को पांच साल भी नहीं मिली कोर्ट से जमानत, याचिका खारिज

