Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य में प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर रोक सुनिश्चित करने को लेकर डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने पूछा है कि प्रतिबंधित मानक वाले प्लास्टिक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और क्या इसका पालन जमीन पर हो रहा है। मामले की अगली सुनवाई 5 जनवरी को निर्धारित है। अदालत ने रांची उपायुक्त से जिले में कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की अद्यतन जानकारी भी तलब की है। साथ ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण के मामलों में अब तक की कानूनी कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।
हाई कोर्ट ने कहा कि अब राज्य में किसी भी सार्वजनिक सभा के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम आयोजकों को बोर्ड के पास जमानत राशि जमा करनी होगी, जिसे स्थल की सफाई की पुष्टि के बाद ही वापस किया जाएगा। सफाई नहीं होने पर राशि जब्त होगी। यह निर्देश राम किशोर द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें रामगढ़ में कंपनियों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया गया था। अदालत ने बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कानूनों का सख्ती से पालन आवश्यक है।