Ranchi News: हजारीबाग। चार साल पुराने बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में रांची स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए पांच में से तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया। चार आरोपी फिलहाल जेल में रहकर ट्रायल का सामना कर रहे थे। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। मामले में मो. असलम अंसारी उर्फ असलम उर्फ पप्पू मियां, मो. कैफ और मो. गुरफान को दोषी ठहराया गया है। फैसले के दौरान अभियुक्तों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। वहीं दो अन्य आरोपी मो. इरफान और इश्तेखार मियां को ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। इश्तेखार मियां घटना के बाद से फरार है। एक अन्य नाबालिग आरोपी की सुनवाई जेजे बोर्ड में लंबित है।
अभियोजन के अनुसार 6 फरवरी 2022 को शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गया था। विसर्जन जुलूस के दौरान उन्मादी भीड़ ने उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना को लेकर बरही थाना में 27 आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 59/2022 दर्ज किया गया था। पुलिस ने 7 फरवरी 2022 को मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने 2 सितंबर 2022 को हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। मृतक की मां उर्मिला पांडेय ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से वरीय लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने 15 गवाहों को अदालत में प्रस्तुत किया। फैसले के बाद मृतक के पिता सिकंदर पांडेय ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया, लेकिन मुख्य आरोपी माने जा रहे इश्तेखार मियां के बरी होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

