Ranchi News: बैंकिंग परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अपर न्यायायुक्त–सात ए.के. तिवारी की अदालत ने बीपी संख्या 1620/2025 पर सुनवाई करते हुए आरोपी मनीष कुमार उर्फ रजनीश कुमार को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया। मामला धुर्वा (हटिया) थाना कांड संख्या से जुड़ा है, जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4) तथा झारखंड कंडक्ट एग्जामिनेशन एक्ट, 2023 की धारा 8/12(3) के तहत दर्ज है। अभियोजन के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को आईबीपीएस आरआरबी-14 परीक्षा के दौरान टुपुदाना स्थित परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान संदेह के आधार पर दो अभ्यर्थियों की पहचान की गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी मनीष कुमार, अपने मित्र सौरभ कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था। अदालत को बताया गया कि प्रवेश के समय कैप्चर की गई तस्वीर सौरभ कुमार की फोटो से मेल नहीं खा रही थी। केस डायरी में उपलब्ध सामग्री के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी की भूमिका गंभीर है और जांच अभी जारी है। ऐसे में उसकी कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक प्रतीत होती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सह आरोपी शिशुपाल कुमार की स्थिति अलग है, क्योंकि वह किसी अन्य की जगह परीक्षा देते नहीं पाया गया। सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

