processApi - method not exist
Home high court news ई-पास मामले में हाईकोर्ट का हस्तक्षेप से इन्कार, सरकार का नीतिगत मामला...

ई-पास मामले में हाईकोर्ट का हस्तक्षेप से इन्कार, सरकार का नीतिगत मामला बता याचिका की खारिज

E-Pass News झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने ई-पास की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका सरकार का नीतिगत मामला बताते हुए खारिज कर दिया।

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने ई-पास की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका सरकार का नीतिगत मामला बताते हुए खारिज कर दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि यह सरकार का नीतिगत मामला है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए ई-पास जैसी व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है। ऐसे में अदालत सरकार के नीतिगत मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

इस संबंध में राजन कुमार सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अनूप कुमार अग्रवाल ने कहा कि ई-पास बनाने की प्रक्रिया काफी जटिल है और लोगों की निजता का उल्लंघन भी है। इसके अलावा जरूरी समान जैसे, दूध, फल, सब्जी सहित अन्य खाद्य सामग्री के लिए ई-पास रोजाना बनाना संभव नहीं है।

इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि जरूरी समान के लिए दो-पहिया वाहन की जरूरत नहीं है। पैदल भी दूध, सब्जी की खरीदारी की जा सकती है। इस पर अदालत ने भी सहमति जताई और याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि सरकार ने सुरक्षा सप्ताह (लाकडाउन) में घर से निकलने के लिए ई-पास अनिवार्य कर दिया है। इसके बिना बाहर निकलने पर पुलिस जुर्माना वसूल रही है।

इसे भी पढ़ेंः आदित्यपुर मेयर विनोद श्रीवास्तव के निर्वाचन मामले में यथास्थित बनाए रखने का हाईकोर्ट का आदेश

राजन कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता अनूप अग्रवाल के माध्यम से याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि सरकार ने 16 से 27 मई तक शहर के अंदर भी वाहनों के परिचालन के लिए ई पास को अनिवार्य किया है। सरकार ने पास बनाने के लिए लोगों से वजह पूछा है। मतलब लोगों को अपनी हर गतिविधि की जानकारी देनी होगी। सरकार का यह नियम निजता के अधिकारी का उल्लघंन भी है।

स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान सरकार ने सिर्फ जरूरी सेवाएं ही जारी रखने का निर्णय लिया है। जरूरी सेवा की दुकानें ही खोलने को कहा है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति बाहर निकलता है तो वह आवश्यक काम से ही निकलेगा। आपात स्थिति में यदि किसी को अचानक बाहर निकलना पड़े तो वह अपन दो पहिया वाहन तक का इस्तेमाल नहीं कर सकता, क्योंकि इसके लिए ई पास की जरूरत होगी।

याचिका में कहा गया था कि स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान लोगों की आवाजाही काफी कम है और बिना जरूरत के लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में ई पास जारी किये जाने के लिए जो जानकारी मांगी जा रही है उससे निजता का हनन होने की भी पूरी संभावना है। झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लाखों ऐसे लोग हैं जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है । ऐसे में वो ई पास के लिए कैसे और कहां आवेदन करेंगे यह भी एक बड़ी परेशानी है।

RELATED ARTICLES

Teacher appointment: हाईकोर्ट ने जेएसएससी के सचिव को जारी किया शो-कॉज

Ranchi: Teacher appointment झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में संस्कृत शिक्षक नियुक्ति मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।...

Teacher Appointment: हाईकोर्ट ने पूछा- संस्कृत शिक्षकों के नियुक्ति कब निर्णय लेगी सरकार

Ranchi: Teacher Appointment झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में राज्य के गैर अनुसूचित जिलों में संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति...

Judge Uttam Anand murder case: हाईकोर्ट ने कहा- अंधेरे में रखकर आरोप पत्र दाखिल करना दुखद, कहीं मर्डर अनएक्सप्लेन न बन जाए

Ranchi: Judge Uttam Anand murder case धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Teacher appointment: हाईकोर्ट ने जेएसएससी के सचिव को जारी किया शो-कॉज

Ranchi: Teacher appointment झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में संस्कृत शिक्षक नियुक्ति मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।...

Conspiracy to topple Hemant Government: 90 दिन में आरोप पत्र दाखिल नहीं कर पाई पुलिस, तीनों आरोपियों को मिली जमानत

Ranchi: Conspiracy to topple Hemant Government झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की साजिश में शामिल तीनों अभियुक्तों को अदालत से...

Appointment of consumer courts: उपभोक्ता फोरम की रिक्तियों पर ढीले रवैये से सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा- न्यायाधिकरण नहीं चाहिए तो कानून खत्म करे सरकार

New Delhi: Appointment of consumer courts सुप्रीम कोर्ट ने राज्य उपभोक्ता आयोगों और जिला उपभोक्ता फोरमों की रिक्तियां भरने में देरी पर...

Coal Transport: हजारीबाग में कोयले की ढुलाई मामले में केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कन्वेयर बेल्ट लगाने के एनजीटी के निर्देश पर रोक

New Delhi: Coal Transport झारखंड के हजारीबाग जिले में कोयले की अवैध ढुलाई और उसके भंडारण से संबंधित नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT)...