हाईकोर्ट ने निचली अदालत का संज्ञान व आरोप गठन आदेश किया रद्द, अब आईपीसी में चलेगा केस
Ranchi News: रंगदारी वसूली से जुड़े एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव और अन्य आरोपियों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा अनलॉफुल एक्टिविटी (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) के तहत लिए गए संज्ञान और आरोप गठन को रद्द कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई केवल भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत होगी। सोमवार को इस मामले में सुरेंद्र कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। अदालत ने पाया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यूएपीए की धाराओं के तहत कार्रवाई उचित नहीं है।
इन आरोपियों को मिली राहत
एटीएस की विशेष अदालत ने इस मामले में गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव के अलावा एजाज अंसारी, मिंकु खान, फिरोज खान, जहीर अंसारी, सुरेंद्र कुमार और मो. आलम उर्फ नेपाली के खिलाफ आरोप गठित किए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन आरोपियों को यूएपीए से राहत मिल गई है।
कारोबारी से रंगदारी वसूली का आरोप
एटीएस के अनुसार 20 जुलाई 2023 को रंगदारी वसूली के मामले में एजाज अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से 49.84 लाख रुपये बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि वह पतरातू-पिठोरिया इलाके से वाहन से जा रहा था और कथित तौर पर गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव के निर्देश पर एक कारोबारी से रंगदारी वसूल कर ले जा रहा था। इसी मामले में एटीएस ने केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की थी।

