Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने बिना जमीन अधिग्रहण किए मकान ध्वस्त करने की कार्रवाई के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए एनएचएआइ की कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार और एनएचएआइ से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। यह याचिका ननकी देवी समेत अन्य की ओर से दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता सौरभ शेखर ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ताओं का मकान और दुकान हजारीबाग के बरकट्ठा थाना क्षेत्र में स्थित है। एनएच-2 निर्माण परियोजना के लिए उनकी जमीन ली जानी है, लेकिन अब तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया है।
याचिका में कहा गया कि रविवार को एनएचएआइ बुलडोजर लेकर मकान तोड़ने पहुंच गई थी। स्थानीय विरोध के बाद फिलहाल कार्रवाई रोक दी गई, लेकिन किसी भी समय मकान ध्वस्त किए जाने की आशंका बनी हुई है। प्रार्थियों ने अदालत से मुआवजा प्रक्रिया पूरी होने तक मकान तोड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी। अदालत ने प्रथम दृष्टया दलीलों को स्वीकार करते हुए एनएचएआइ की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।