Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में मंगलवार को राज्य में बाघों के संरक्षण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए पूछा कि 28 फरवरी 2017 को हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का अब तक कितना पालन किया गया है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह 23 सितंबर तक शपथपत्र के माध्यम से आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट पेश करे। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने कहा कि यदि वर्ष 2017 के निर्देशों का सही ढंग से पालन किया गया होता, तो बाघ संरक्षण से जुड़ी इस तरह की जनहित याचिकाएं दाखिल करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।