Ranchi News: झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने गुरुवार को राज्य सरकार और जेयूटी की अपील याचिका पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ के 13 जनवरी के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच पर यह रोक 24 फरवरी तक प्रभावी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई भी 24 फरवरी को निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डीआईटी) की याचिका पर सुनवाई करते हुए 13 जनवरी को जेयूटी और एआईसीटीई के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार और जेयूटी ने खंडपीठ में अपील दाखिल की थी। खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि डीआईटी को 9 सितंबर 2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मात्र 60 छात्रों के नामांकन की अनुमति दी गई थी, लेकिन संस्थान ने नियमों का उल्लंघन करते हुए 138 छात्रों का नामांकन कर लिया। इसके बावजूद संस्थान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर 12 और 13 जनवरी को सुनवाई हुई और अंततः एकलपीठ ने सीबीआई जांच का आदेश दे दिया। वहीं, सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि एकलपीठ के आदेश के अनुपालन में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज कर ली गई है।
क्या है पूरा मामला
धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि एआईसीटीई ने 30 अप्रैल 2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए विधिवत स्वीकृति प्रदान की थी। इसी आधार पर संस्थान ने छात्रों का नामांकन किया। बाद में जेयूटी द्वारा छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोके जाने पर उनका भविष्य खतरे में पड़ गया। इसी को लेकर संस्थान ने न्यायालय की शरण ली थी, जिस पर एकलपीठ ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था, जिसे अब खंडपीठ ने 24 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।