Civil Court News

Court News: छात्र विनय महतो मौत मामला: सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ पिता की प्रोटेस्ट याचिका पर सुनवाई शुरू, शुक्रवार को भी जारी रहेगी बहस

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 11 Jun, 2026
2 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2026 05 04 at 5.30.27 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi News: सफायर इंटरनेशनल स्कूल के बहुचर्चित छात्र विनय महतो मौत मामले में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है। सीबीआई (CBI) द्वारा मामले को ‘दुर्घटना’ बताकर दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट को मृतक के पिता मनबहाल महतो ने सिरे से खारिज कर दिया है। इसके खिलाफ उन्होंने सीबीआई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सह एसडीजेएम (SDJM) कोर्ट में एक प्रोटेस्ट याचिका (विरोध याचिका) दायर की है, जिस पर गुरुवार को आंशिक सुनवाई हुई।

याचिकाकर्ता (पिता) की ओर से अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट की कमियों को रेखांकित किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने इस पर आगे की सुनवाई के लिए शुक्रवार (आज) की तिथि तय की है, जहां पीड़ित पक्ष की ओर से बहस जारी रहेगी।

क्या है पूरा मामला?

  • तारीख और घटना: यह दिल दहला देने वाली घटना 5 फरवरी 2016 की है, जब रांची के प्रतिष्ठित सफायर इंटरनेशनल स्कूल परिसर में 13 वर्षीय छात्र विनय महतो का शव बेहद संदिग्ध और लहूलुहान परिस्थितियों में मिला था।
  • परिजनों का आरोप: विनय के पिता मनबहाल महतो और उनका परिवार शुरू से ही यह चीख-चीख कर कह रहा है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हत्या है।
See also  Ranchi Civil Court: युवती का सिर ढूढने में लगी थी 400 पुलिस, शेख बेलाल और उसकी पत्नी अंतिम सांस तक रहेंगे जेल में; अदालत ने सुनाई सजा

पुलिस से लेकर सीबीआई जांच तक का सफर

  1. स्थानीय पुलिस की कार्रवाई: शुरुआत में रांची पुलिस ने इस मामले की जांच की थी। पुलिस ने स्कूल की ही एक शिक्षिका, उनके पति और उनके दो नाबालिग बच्चों (बेटा-बेटी) को आरोपी बनाया था। शिक्षिका और उनके पति को जेल भी भेजा गया था।
  2. जुवेनाइल कोर्ट से बरी: साल 2018 में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजे कोर्ट) ने साक्ष्य के अभाव (Lack of Evidence) में शिक्षिका के दोनों नाबालिग बच्चों को बरी कर दिया था।
  3. हाईकोर्ट का आदेश और सीबीआई एंट्री: पुलिस की जांच दिशाहीन देखकर और उससे असंतुष्ट होकर पिता मनबहाल महतो ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जुलाई 2022 में जांच का जिम्मा देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) को सौंप दिया था।
See also  Ranch/ED: सरकार ने पूजा सिंघल के खिलाफ 120 दिनों बाद भी नहीं दी अभियोजन स्वीकृति आदेश, ईडी ने कोर्ट से मांगी 'deemed sanction' की अनुमति

सीबीआई की रिपोर्ट से परिजनों को लगा बड़ा झटका

झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर करीब चार साल तक चली लंबी तफ्तीश के बाद पिछले महीने (मई 2026) सीबीआई ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी।

सीबीआई का निष्कर्ष: जांच एजेंसी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में कहा है कि विनय महतो की मौत के पीछे कोई आपराधिक साजिश, रंजिश या हमला नहीं था। सीबीआई के मुताबिक, यह महज एक ‘दुखद दुर्घटना’ (Tragic Accident) थी।

अब आगे क्या?

सीबीआई के इस “एक्सीडेंट” वाले दावे ने पीड़ित परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। पिता ने इस रिपोर्ट को अदालत में चुनौती देते हुए कहा है कि वह न्याय के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे। शुक्रवार को होने वाली सुनवाई बेहद अहम होगी, जहां पिता के वकील कोर्ट को यह समझाने की कोशिश करेंगे कि सीबीआई ने जांच में किन कड़ियों को छोड़ दिया है और क्यों इस मामले की दोबारा री-इन्वेस्टिगेशन या कोर्ट की निगरानी में सुनवाई होनी चाहिए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment