Ranchi News: सिविल कोर्ट रांची के अतिरिक्त न्यायिक आयुक्त (AJC-XVII) संजीव झा की अदालत ने दो नाबालिग बच्चों के अपहरण और मानव तस्करी (Human Trafficking) जैसी गंभीर वारदात में शामिल आरोपी महिला सोनी कुमारी की नियमित जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। यह मामला धुर्वा (हटिया) थाना (कांड संख्या 01/2026) से जुड़ा हुआ है। आरोपी महिला 15 जनवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
भीख मंगवाने और तस्करी के उद्देश्य से किया था अपहरण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी सोनी कुमारी ने अपने पति (सह-आरोपी) के साथ मिलकर सूचक के दो मासूम बच्चों का उनके कानूनी अभिभावक के संरक्षण से अपहरण कर लिया था। इन बच्चों को भीख मंगवाने और मानव तस्करी के उद्देश्य से दूसरे पड़ोसी जिले में ले जाया गया था। पुलिस द्वारा राज्य भर में चलाए गए एक व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) के बाद दोनों बच्चों को सकुशल बरामद किया गया। स्थानीय नागरिक द्वारा भेजे गए बच्चों के चित्रों के आधार पर उनके पिता ने उनकी पहचान की थी।
माननीय कोर्ट का कड़ा रुख और टिप्पणी
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की वकील सुश्री कविता कुमारी खाती ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। हालांकि, सरकारी वकील श्री मनोज कुमार सिंह ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने केस डायरी और गवाहों के बयानों का संज्ञान लेते हुए जमानत देने से साफ इनकार कर दिया:
“नाबालिग बच्चों के अपहरण, मानव तस्करी और उन्हें भीख मंगवाने जैसे कृत्य बेहद जघन्य, संवेदनशील और गंभीर प्रकृति के अपराध हैं। केस डायरी के अवलोकन से आरोपी महिला के खिलाफ सीधे और विशिष्ट आरोप (Direct and Specific Allegation) प्रमाणित होते हैं। अपराध की इस गंभीरता और मामले के वर्तमान चरण को देखते हुए आरोपी को नियमित जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।”
अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 139(1), 143(3), 143(4), 143(5) और 61(2) के तहत लगे आरोपों को अत्यंत गंभीर मानते हुए खारिज कर दिया।