Jharkhand

चेशायर होम रोड जमीन घोटालाः पुनीत भार्ग ने फर्जी रैयत से 1.78 करोड़ में खरीदी जमीन, राजेश को मिले मात्र 25 लाख

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 05 Jul, 2023
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Cheshire Home Road land scam: Puneet Bharg bought land from fake tenant for 1.78 crores, Rajesh got only 25 lakhs, Jharkhand High Court sought answer from Revenue Secretary
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रांची के चेशायर होम रोड जमीन घोटाले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने खुलासा किया है कि भूमि घोटाले के जालसाजों के सिंडिकेट में राजेश राय व भरत प्रसाद महत्वपूर्ण भूमिका रही हैं। दोनों को ईडी कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

रांची के सदर थाना क्षेत्र में गाड़ी मौजा स्थित चेशायर होम रोड जमीन की विवादित एक एकड़ जमीन का रैयत फर्जी, डीड भी फर्जी व भुगतान का भी प्रमाण नहीं मिला है। सदर थाने में कोर्ट के आदेश के बाद आठ सितंबर 2022 को कांड संख्या 399/2022 में प्राथमिकी हुई थी।

भूमि घोटाले में दर्ज ईसीआइआर में ईडी ने उक्त केस को भी जोड़ा। जांच में पता चला कि राजेश राय व भरत प्रसाद ने गलत तरीके से चेशायर होम रोड जमीन पर कब्जा किया, जिसका खाता नंबर 37 व प्लाट नंबर 28 है।

राजेश राय ने अपने सहयोगियों की मदद से एक फर्जी डीड 184/1948 बनाया और उसका पावर आफ अटार्नी गलत तरीके से इम्तियाज अहमद व भरत प्रसाद को दे दिया। ईडी ने गत 14 अप्रैल को इम्तियाज अहमद को भूमि घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय से ही वह जेल में है।

इम्तियाज अहमद व भरत प्रसाद ने पुनीत को बेची जमीनः

ईडी ने जांच में पाया कि राजेश राय से पावर आफ अटार्नी लेने के बाद इम्तियाज अहमद व भरत प्रसाद ने चेशायर होम रोड जमीन को पुनीत भार्गव नामक व्यक्ति को बेच दिया। पुनीत भार्गव प्रेम प्रकाश का खास सहयोगी है। प्रेम प्रकाश नेताओं व नौकरशाहों का करीबी है।

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ईडी ने पिछले वर्ष अवैध पत्थर खनन मामले में गिरफ्तार किया था। वर्तमान में प्रेम प्रकाश जेल में बंद है। एक अन्य आरोपित लखन सिंह ने भी स्वीकार किया है कि छह फरवरी 2021 को पुनीत भार्गव के पक्ष में चेशायर होम रोड जमीन का डीड बना था। डीड में एक करोड़ 78 लाख 55 हजार 800 रुपये में बेचे जाने का जिक्र है।

इसमें केवल 25 लाख रुपये ही पुनीत भार्गव ने अपनी कंपनी शिवा फेबकान के खाते से भुगतान किया था। इसे अलावा शेष राशि को गलत तरीके से डीड में दिखाया गया है। पुनीत भार्गव ने चेशायर होम रोड जमीन को खरीदने के दो महीने के बाद ही विष्णु अग्रवाल को 1.80 करोड़ रुपये में बेच दी थी। विष्णु अग्रवाल ने एक अप्रैल 2021 को दो सेल डीड से उक्त जमीन खरीदी थी।

इम्तियाज व भरत ने सद्दाम को दिए 18 लाख

ईडी की छानबीन में यह पर्दफश हुआ कि इम्तियाज व भरत प्रसाद को पुनीत भार्गव से 25 लाख रुपये खाते में मिले थे। उसमें से 18 लाख रुपये दोनों ने तुरंत ग्रीन ट्रेडर्स के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया। यह ग्रीन ट्रेडर्स मोहम्मद सद्दाम हुसैन के नियंत्रण में है। सद्दाम भी भूमि घोटाले में गत 14 अप्रैल को गिरफ्तार हुआ था।

डीड में फर्जीवाड़ा, सिंडिकेट के सदस्य हैं भरत व राजेश

ईडी ने भूमि घोटाले में छानबीन के दौरान चेशायर होम रोड जमीन की डीड में फर्जीवाड़ा पकड़ा था। छापेमारी में जब्त डीड की रजिस्ट्री कार्यालय कोलकाता व रांची के बड़ागाईं अंचल से जांच भी कराई थी, जिसमें जालसाजी उजागर हुई थी। जालसाजी की पुष्टि एफएसएल गांधीनगर से भी कराई जा चुकी है।

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ईडी के अनुसंधान में यह स्पष्ट हुआ है कि भरत प्रसाद व राजेश राय भी अफसर अली, इम्तियाज अहमद, सद्दाम हुसैन व अन्य के सहयोगी हैं। ये मिलकर फर्जी डीड तैयार करते थे। अन्य आरोपित पहले से जेल में हैं। इनके ठिकानों से भारी मात्रा में डीड बरामद हुए थे।

इनमें से 39 डीड का रजिस्ट्रार आफ एश्योरेंस कोलकाता से सत्यापन कराया गया था। वहां चार सदस्यीय समिति ने जांच में सभी डीड को फर्जी पाया था। डीड नंबर 1219/1941 ( दिनांक 28 अप्रैल 1941) तथा डीड नंबर 184/1948 (15 जनवरी 1948) में राजेश राय व गिफ्ट डीड नंबर 4403/1974 (23 जुलाई 1974) में भरत प्रसाद की भूमिका उजागर हुई है।

इस डीड में राजेश राय व भरत प्रसाद की भूमिका हुई है उजागर

  • डीड नंबर 1219/1941, दिनांक 28 अप्रैल 1941, इसमें राजेश राय की भूमिका उजागर हुई है।
  • डीड नंबर 184/1948 दिनांक 15 जनवरी 1948, इसमें राजेश राय की भूमिका उजागर हुई हे।
  • गिफ्ट डीड नंबर 4403/1974, दिनांक 23 जुलाई 1974, इसमें भरत प्रसाद की भूमिका उजागर हुई है। यह डीड बाद में पांच डीड में बदला, सभी फर्जी मिले।
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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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