Ranchi: झारखंड में कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) के हस्ताक्षर को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। यह याचिका पंकज यादव की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि सरकार द्वारा बनाए गए यह नियम केवल अवैध वसूली का जरिया बन गए हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जब वाहनों की फिटनेस जांच मशीनों और आधुनिक यंत्रों के माध्यम से की जा रही है, तो फिर मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के हस्ताक्षर को अनिवार्य करने की कोई तर्कसंगत आवश्यकता नहीं है।
“बिना यंत्र के कैसे होगी सही जांच?”
याचिका में यह भी सवाल उठाया गया है कि MVI यदि किसी गाड़ी का तकनीकी परीक्षण बिना किसी मशीन या उपकरण के करेगा, तो वह सटीक रिपोर्ट कैसे दे सकता है? ऐसे में यह नियम केवल प्रक्रिया को जटिल बनाने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला है।

