Ranchi News: सीबीआई के ट्रैप केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश- II कुलदीप की अदालत ने सीसीएल के लिपिक (LDC ग्रेड-II) मोहम्मद महफूज आलम को दोषी ठहराया है। अदालत ने मंगलवार को सुनाए फैसले में आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास (RI) और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सीबीआई के लोक अभियोजक सुशील कुमार ने साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। मामला रामगढ़ के बरका सयाल क्षेत्र स्थित सायल-डी कोलियरी से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता अंगद कुमार महतो से लीव इनकैशमेंट के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने ट्रैप कर आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया।
क्या था मामला?
दोषी मोहम्मद महफूज आलम, सीसीएल (CCL) के बरका सयाल क्षेत्र स्थित सयाल-डी कोलियरी में एलडीसी ग्रेड-II (LDC Grade-II) के पद पर कार्यरत था। उस पर आरोप था कि उसने शिकायतकर्ता श्री अंगद कुमार महतो से उनके लीव एनकैशमेंट (Leave Encashment) के भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने जाल बिछाकर (Trap Case) आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों जून 2020 में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद मामला संख्या RC-06(A)/2020-R के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

