Supreme Court News

बलात्कार पीड़िता ने जताई सजा काट रहे दोषी से ही शादी करने की इच्छा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नहीं

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 03 Aug, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Stay on arrest of Abhishek Jha, husband of suspended IAS Pooja Singhal, accused of money laundering
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने केरल के कोट्टियूर में रहने वाली बलात्कार पीड़िता की उस याचिका को खारिज कर दिया है कि जिसमें उन्होंने उनके साथ दुष्कर्म करने वाले पूर्व पादरी से शादी करने की इजाजत मांगी थी। यह पूर्व पादरी 20 साल की कैद की सजा काट रहा है। अदालत ने पूर्व पादरी की अलग से दायर याचिका भी खारिज कर दी।

इस याचिका में उसने बलात्कार पीड़िता से शादी करने के लिए जमानत देने का आग्रह किया था। पीड़िता घटना के वक्त नाबालिग थी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने पूर्व पादरी से कहा कि हाई कोर्ट ने सोच-समझकर फैसला दिया है और हम उसके निर्णय में दखल नहीं देना चाहेंगे।

पीठ ने पीड़िता से कहा कि वह पूर्व पादरी से शादी करने की अपनी याचिका को लेकर निचली अदालत जा सकती हैं। पूर्व पादरी के वकील अमित जॉर्ज ने कहा कि हाई कोर्ट ने इस मामले में शादी के संबंध में व्यापक निर्देश दिए हैं, जो एक मौलिक अधिकार है।

See also  रांचीः झालसा के निर्देश पर दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित विशेष कैंप में 32 बच्चे चिन्हित, सर्टिफिकेट के लिए किया गया ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

पीठ ने जॉर्ज से पूछा कि पीड़िता और पूर्व पादरी की क्या उम्र है? इस पर उन्होंने कहा कि पूर्व पादरी 49 वर्ष का है जबकि पीड़िता की उम्र 25 साल है। शीर्ष अदालत ने जॉर्ज से कहा कि आपने स्वयं हाई कोर्ट से व्यापक निर्देश मांगे हैं और वह हस्तक्षेप नहीं करना चाहेंगे।

इसे भी पढ़ेंः जज उत्तम आनंद हत्याकांडः सरकार ने हाई कोर्ट से कहा- दूसरे राज्यों से तार जुड़ने की संभावना, इसलिए सीबीआई जांच की अनुशंसा

सुप्रीम कोर्ट को मार्च महीने में इसी तरह के एक मामले में कुछ वकीलों की आलोचना झेलनी पड़ी थी जब तत्कालीन चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई वाली एक बेंच ने बलात्कार के आरोपी से पूछ डाला कि क्या वह पीड़िता से शादी करने को तैयार है। मामला महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक बोर्ड के एक सरकारी कर्मचारी से जुड़ा था।

See also  निजी स्कूलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- पैरेंट्स को बताना होगा किस मद में कितनी ली फीस

तब कुछ वकीलों ने यह कहकर सुप्रीम कोर्ट बेंच की आलोचना की थी कि उसने आरोपी से ही उसकी इच्छा पूछी है जो गलत है। ध्यान रहे कि आरोपी ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी तब सीजेआई की बेंच ने उससे पूछा था, ‘क्या आप उससे (पीड़िता से) शादी करने को तैयार हैं?’।

कोर्ट ने कहा था कि अगर आरोपी शादी करने को तैयार होगा तो बेंच उसकी जमानत याचिका पर विचार कर सकती है। बेंच ने कहा कि नहीं तो आपको जेल जाना होगा और नौकरी गंवानी होगी। तब आरोपी के वकील ने बताया कि सरकारी कर्मचारी की शादी हो चुकी है, इसलिए वह पीड़िता से शादी नहीं कर सकता है। उसने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने 2016 में लड़की से शादी करने को तैयार था, लेकिन तब लड़की 16 साल की थी और इस प्रस्ताव से मुकर गई थी।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment