National News

काशी विश्वनाथ मंदिर: जमीन की अदला-बदली के खिलाफ कोर्ट जाएंगे वादमित्र

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 25 Jul, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
kashi vishwanath temple in varanasi
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Varanasi: भगवान विश्वेश्वरनाथ (बाबा काशी विश्वनाथ) के वादमित्र विजयशंकर रस्तोगी ने ज्ञानवापी परिसर स्थित जमीन की सुन्नी वक्फ बोर्ड और मंदिर प्रशासन के बीच अदला-बदली को असंवैधानिक करार देते हुए इसके खिलाफ मुकदमा दाखिल करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जमीन के मालिकाना हक का मामला अभी कोर्ट में लंबित है। ऐसे में उसकी अदला-बदली कैसे हो सकती है। कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन ने किस आधार पर उक्त जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड का बता दिया।

विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वरनाथ मंदिर का एक अंश है। वहां हिंदू आस्थावानों को पूजा-पाठ, राग-भोग, दर्शन-पूजन, निर्माण, मरम्मत, पुनरोद्धार का पूरा अधिकार है। जिस 1700 स्क्वॉयर फीट जमीन का मालिक वक्फ बोर्ड को बताया गया, उस पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का कभी कब्जा नहीं रहा।

See also  SC News/ED: सुप्रीम कोर्ट से पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और आप्त सचिव रहे संजीव लाल को राहत नहीं, जमानत खारिज

इसे भी पढ़ेंः डाक घोटालाः कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना पर गिरफ्तार हुए पीके मिश्रा

उन्होंने बताया कि 1942 में हाईकोर्ट में तीन साल तक चले एक मुकदमे में निर्धारित हो चुका है कि मुस्लिम समाज के लोगों का ज्ञानवापी परिसर की किसी जमीन पर कोई अधिकार नहीं है। मुस्लिम समाज के लोग सिर्फ ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासनिक अफसरों ने सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का ज्ञानवापी परिसर की जमीन पर मालिकाना हक कैसे मान लिया।

साथ ही उन्हें बांसफाटक के पास 1000 स्क्वॉयर फीट जमीन कैसे दे दी। बता दें कि ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा पाठ का अधिकार देने की मांग के साथ वर्ष- 2019 में फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया था। प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ की ओर से दायर यह मुकदमा अभी विचाराधीन है।

See also  MNREGA घोटाला: ED ने दायर की चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट, पूजा सिंघल की मां, भाई समेत 5 नए आरोपी शामिल

कुछ दिन पहले फॉस्ट ट्रैक कोर्ट ने पूरे ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण का आदेश दिया है। मुकदमे में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड प्रतिवादी हैं। वादमित्र ने कहा कि प्रशासनिक अफसरों ने काम दिखाने के चक्कर में हिंदुओं और योगी आदित्यनाथ की सरकार को गुमराह किया है। जमीन की अदला-बदली की प्रति हमने मंगवाई है। इसके बाद हम अदालत में मुकदमा दाखिल करेंगे।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment