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Delhi Water Crisis: दिल्ली जल बोर्ड पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, हरियाणा पर पानी रोकने का आरोप

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 12 Jul, 2021
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New Delhi: दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Water Board) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) में याचिका दाखिल कर हरियाणा (Haryana Gov) से दिल्ली के हिस्से का पानी छोड़े जाने की मांग की है। जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्डा ने दोबारा हरियाणा पर यमुना से दिल्ली के हिस्से का पानी रोकने का आरोप लगाया और कहा कि दिल्ली के हिस्से का पानी रोके जाने से वजीराबाद में यमुना का जल स्तर साढ़े सात फीट कम हो गया है।

इस वजह से नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमएसी), मध्य, पश्चिमी व दक्षिणी दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। लिहाजा जल बोर्ड हरियाणा सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। वहीं, हरियाणा ने कहा है कि कि सुर्खियों में रहने और अपनी नाकामी छिपाने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता इस तरह के आरोप लगाते हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रमुख मीडिया सलाहकार विनोद मेहता ने राघव चड्ढा के आरोपों पर एक बार फिर उनकी घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि पानी की कमी को आधार बनाते हुए दिल्ली पहले भी कई बार सुप्रीम कोर्ट में गई है। सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा यह पाया है कि हरियाणा दिल्ली को आवंटित हिस्से से ज्यादा पानी देता रहा है।

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सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए हमेशा कहा कि हरियाणा की ओर से दिल्ली को पानी की आपूर्ति ठीक है, लेकिन आप दिल्ली की जरूरत समझिए। हरियाणा ने अक्सर दिल्ली के लोगों की जरूरत समझी और दिल्ली को ज्यादा पानी दिया।

राघव चड्ढा ने ट्वीट कर कहा कि वजीराबाद में यमुना का जल स्तर एक फीट भी कम हो जाए तो दिल्ली में जल संकट शुरू हो जाता है। वजीराबाद में यमुना में जल स्तर 674.5 फीट होना चाहिए, जो घटकर 667 फीट रह गया है। इसका कारण यह है कि हरियाणा से यमुना में जो पानी छोड़ा जाता है वह अब तक सबसे निचले स्तर पर है।

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हरियाणा से दिल्ली के हिस्से का 120 एमजीडी पानी नहीं दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1995-96 में दिल्ली के हिस्से का पानी निर्धारित किया था। लेकिन हरियाणा ने पानी रोक दिया है, जो अदालत के आदेश की अवमानना है।

उन्होंने कहा कि चंद्रावल जल शोधन संयंत्र से 90 एमजीडी की जगह 55 एमजीडी पानी आपूर्ति हुई। वहीं वजीराबाद संयंत्र से पेयजल आपूर्ति 135 एमजीडी से घटकर 80 एमजीडी व ओखला संयंत्र से पानी की आपूर्ति 20 एमजीडी से घटकर 12 एमजीडी हो गई है। एक दिन पहले भी उन्होंने हरियाणा पर दिल्ली के हिस्से का पानी रोकने का आरोप लगाया था।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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