Ranchi News: राजधानी रांची में चेक बाउंस और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC-IX) मयंक मालियाज की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Complaint Case No- 4291/2023) द्वारा दायर वाद पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मोरहाबादी के हरिहर सिंह रोड निवासी आरोपी संतोष कुमार तिवारी को एन.आई. एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार देते हुए 1 वर्ष के कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) और 32,73,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मुआवजा राशि का भुगतान न करने पर अतिरिक्त 3 महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी। फैसले के तुरंत बाद दोषी को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।
मामले के अनुसार, दोषी संतोष कुमार तिवारी ने बैंक ऑफ बड़ौदा से फ्लैट खरीदने के लिए 25 लाख रुपये का होम लोन लिया था। बकाया भुगतान के एवज में उन्होंने 25,64,362 रुपये का चेक दिया था, जो बैंक में अपर्याप्त राशि (Insufficient Funds) के कारण बाउंस हो गया था। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न होने पर बैंक ने मुकदमा दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने संपत्ति विवाद और चेक को ‘सिक्योरिटी चेक’ बताने की दलील दी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संपत्ति को लेकर दर्ज आपराधिक मामले या अन्य विवाद बैंक के प्रति कानूनी रूप से देय ऋण (Legally Enforceable Debt) को खत्म नहीं कर सकते।

