Ranchi News: झारखंड उच्च न्यायालय ने मासूम बच्चों की तस्करी कर उन्हें भीख मांगने और वेश्यावृत्ति जैसे अवैध धंधों में धकेलने के गंभीर मामले में आरोपी विरोढ़ी खेरवार उर्फ अनुराग की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने निचली अदालत (पोक्सो कोर्ट, रांची) के फैसले को सही ठहराते हुए याचिका निरस्त कर दी। आरोपी 18 जनवरी 2026 से लगातार जेल में बंद है।
अपीलकर्ता के वकील ने अदालत में तर्क दिया था कि बरामद बच्चे उसके रिश्तेदार हैं और वह अन्य मामलों में बरी हो चुका है, इसलिए 18 जनवरी से जेल में बंद होने के आधार पर उसे जमानत दी जाए। हालांकि, राज्य सरकार के वकील ने इसका कड़ा विरोध करते हुए बताया कि आरोपी को सिठियो के पास वाहन से रंगे हाथ पकड़ा गया था और उसके घर (कोठार, रामगढ़) से भी कई बच्चे बरामद किए गए थे।
अदालत ने केस डायरी के अवलोकन के बाद पाया कि आरोपी बच्चों की चोरी और तस्करी करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य है। आरोपी यह साबित करने में असफल रहा कि बरामद बच्चे उसके रिश्तेदार थे। अदालत ने अपराध की गंभीरता और गिरोह की सक्रिय भूमिका को देखते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर दिया।

