Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने आपसी समझौते के आधार पर धनबाद के केंदुआडीह थाना कांड संख्या 37/2022 की पूरी आपराधिक कार्यवाही और प्राथमिकी आरोपी गोलू रावनी उर्फ गोल्लू रावनी उर्फ रवि कुमार के खिलाफ रद्द कर दी है। मामले में आईपीसी की धारा 307 समेत 341, 323, 379, 504/34 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज थी। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने यह आदेश दिया।
अदालत में बताया गया कि दोनों पक्षों ने शुभचिंतकों और साझा मित्रों के हस्तक्षेप से विवाद सुलझा लिया है। आरोपी ने कहा कि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था और गलत पहचान के कारण उसे मामले में आरोपी बनाया गया। सूचक ने भी समझौते के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा आगे नहीं चलाने की इच्छा जतायी। राज्य ने भी याचिका पर कोई आपत्ति नहीं की।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के Narinder Singh बनाम State of Punjab के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि धारा 482 सीआरपीसी की शक्ति का इस्तेमाल गंभीर और समाज पर प्रभाव डालने वाले अपराधों में सामान्यतः नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, केवल एफआईआर में धारा 307 का उल्लेख होने से मामला स्वतः गंभीर अपराध की श्रेणी में नहीं आ जाता। मामले की प्रकृति और उपलब्ध सामग्री को भी देखा जा सकता है।
कोर्ट ने पाया कि यह मामला निजी विवाद से जुड़ा है और इसमें कोई सार्वजनिक नीति प्रभावित नहीं होती। पूर्ण समझौते के बाद आरोपी के दोषी ठहराए जाने की संभावना क्षीण है। ऐसे में कार्यवाही जारी रखना आरोपी के प्रति अन्याय और कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसके बाद अदालत ने आरोपी के खिलाफ पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी।

