Ranchi: झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के निबंधन और उसके उपनियमों की वैधता को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में सवाल उठाये गये हैं। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में जेएससीए के निबंधन प्रमाणपत्र को भी चुनौती दी गयी है।
राजेश सिंह ने यह याचिका दायर की है। इसमें राज्य सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव समेत अन्य संबंधित पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है।
पंजीकृत उपनियमों के बिना कामकाज पर सवाल
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 18 जुलाई 2016, 21 अक्टूबर 2016 और 9 अगस्त 2018 के आदेशों का हवाला दिया है। ये आदेश सिविल अपील संख्या से संबंधित हैं। याचिका में सवाल उठाया गया है कि जेएससीए पंजीकृत उपनियमों के बिना किस आधार पर काम कर रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की किसी राज्य इकाई को संशोधित उपनियमों का निबंधन कराये बिना काम नहीं करना चाहिए।
14 अगस्त को जारी निबंधन प्रमाणपत्र को चुनौती
याचिकाकर्ता ने तीन अक्टूबर को इंटरलोक्यूटरी आवेदन दाखिल कर 14 अगस्त को जारी जेएससीए के निबंधन प्रमाणपत्र को चुनौती दी है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि जेएससीए की ओर से नौ अक्टूबर 2018 को दिये गये आवेदन को 90 दिनों की समयसीमा समाप्त होने के बाद पिछली तारीख से अनुमति दी गयी। याचिकाकर्ता ने इस निबंधन प्रमाणपत्र को चुनौती देने की मांग की है।
सरकार ने प्रक्रिया पर जतायी आपत्ति
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अपर महाधिवक्ता-तृतीय आशुतोष आनंद ने आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया पर आपत्ति जतायी।
उन्होंने कहा कि यदि याचिकाकर्ता को 14 अगस्त को जारी निबंधन प्रमाणपत्र को चुनौती देनी थी, तो रिट याचिका में संशोधन के लिए उचित आवेदन दाखिल किया जाना चाहिए था। हालांकि, सरकार की ओर से मुख्य याचिका और आईए पर जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
अन्य प्रतिवादियों को भी नोटिस
अदालत ने प्रतिवादी संख्या तीन और चार को स्पीड पोस्ट के माध्यम से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। संबंधित दस्तावेज 28 अक्टूबर तक दाखिल करने होंगे। प्रतिवादी चाहें तो इस दौरान अपना जवाबी हलफनामा भी दाखिल कर सकते हैं। अदालत ने मामले को छह सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया

