Ranchi: हाई कोर्ट में सिपाही से दारोगा पद पर प्रोन्नति के लिए 9 सितंबर 2024 को जारी पुलिस विभाग की वरीयता सूची को चुनौती देने वाली उत्तम तिवारी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सिपाही से दारोगा की प्रोन्नति पर पूर्व में लगाई गई रोक हटाने के राज्य सरकार के आग्रह को फिलहाल नामंजूर कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। याचिका में कहा गया है कि उत्तम तिवारी की वर्ष 2018 में (विज्ञापन संख्या 5/2017 )के तहत दारोगा पद पर सीधी नियुक्ति हुई थी।
वहीं, पुलिस विभाग की ओर से 9 सितंबर 2024 को जारी वरीयता सूची में सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा, (विज्ञापन संख्या 9/2017 )के माध्यम से सिपाही से दारोगा बने कर्मियों को उनसे ऊपर रखा गया है।
प्रार्थी का कहना है कि उनकी नियुक्ति सीधी भर्ती के माध्यम से हुई है, इसलिए वरीयता सूची में उन्हें विभागीय परीक्षा के माध्यम से दारोगा बने कर्मियों से ऊपर रखा जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने 9 सितंबर 2024 की वरीयता सूची को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
इस मामले में पूर्व में 12 मई को हाईकोर्ट ने उक्त वरीयता सूची के आधार पर होने वाली प्रोन्नति पर रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर कर प्रोन्नति पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया गया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तारीख निर्धारित कर दी।