Ranchi News: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर नकेल कसने के लिए रांची सिविल कोर्ट में विशेष अदालत का गठन किया गया है। न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा ने 27 अगस्त 2026 को आधिकारिक आदेश जारी कर अपर न्यायायुक्त प्रथम (Ranchi) की अदालत को संपूर्ण झारखंड राज्य के लिए विशेष अदालत के रूप में नामित किया है। यह ऐतिहासिक फैसला झारखंड हाईकोर्ट के पत्र और विधि विभाग (प्रधान सचिव सह विधि परामर्शी) की अधिसूचना के आलोक में लिया गया है।
फैसले से जुड़ी मुख्य बातें:
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कानूनी आधार: ‘झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों के नियंत्रण एवं रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2023’ की धारा 26 के तहत यह विशेष अदालत नामित की गई है।
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CIS में नई श्रेणी: सिविल कोर्ट रांची के केस इंफॉर्मेशन सिस्टम (CIS) में इस अधिनियम के तहत दर्ज होने वाले सभी मुकदमों को ‘Examination Cases’ (परीक्षा मामले) की नई श्रेणी में पंजीकृत किया जाएगा।
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पूरे राज्य पर क्षेत्राधिकार: राज्य के किसी भी जिले में प्रतियोगी परीक्षा में नकल, पेपर लीक, सॉल्वर गिरोह या तकनीकी धांधली से जुड़ा मामला दर्ज होगा, तो उसकी सुनवाई इसी विशेष अदालत में होगी।
कड़े कानून के तहत शीघ्र न्याय की पहल राज्य सरकार द्वारा 2023 में लागू किए गए कड़े कानून के बाद समर्पित विशेष अदालत के गठन से परीक्षा घोटालों के मुकदमों का त्वरित निष्पादन हो सकेगा। इससे न केवल मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी, बल्कि परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले माफिया और सॉल्वर गिरोहों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।