HC News: Ranchi, झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाला मामलों के दस्तावेज हासिल करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आठ सप्ताह का समय दिया।
लालू प्रसाद के वकील देवर्षि मंडल ने बताया कि चारा घोटाले से जुड़े सभी मामले सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष सूचीबद्ध थे। उन्होंने कहा, ”सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत से समय मांगा और बताया कि उसके पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद अदालत ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह आठ सप्ताह के भीतर रजिस्ट्री से सभी दस्तावेज हासिल करे। इसके बाद अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।”
सुप्रीम कोर्ट गई थी सीबीआई
देवर्षि मंडल ने बताया कि सीबीआई ने प्रसाद की सजा बढ़ाने और उनकी जमानत रद्द करने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने बताया कि प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले के पांच मामले हैं, जिनमें दो मामले चाईबासा कोषागार से और एक-एक मामला दुमका, देवघर तथा डोरंडा कोषागार से संबंधित हैं।
सीबीआई ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि अदालत ने अधीनस्थ अदालत द्वारा सुनाई गई सजा पर रोक लगाकर और चारा घोटाले के एक मामले में राजद प्रमुख को जमानत देकर ‘गलती’ की है। उनकी ओर यह भी कहा गया था कि लालू सहित अन्य की अपील हाई कोर्ट में सात साल से लंबित है।
सीबीआई ने लालू की जमानत को दी थी चुनौती
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 14 जुलाई को चारा घोटाले के एक मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद को जमानत देने के झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उच्च न्यायालय के जुलाई 2019 के आदेश को चुनौती दी गई थी। पीठ ने कहा था, ”हम विवादित आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं।”
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से आग्रह किया कि अगर संभव हो तो चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद सहित सभी अपील पर छह माह में सुनवाई पूरी की जाए, जिसके बाद हाई कोर्ट ने लालू सहित अन्य की अपील मामले में सुनवाई प्रारंभ की है।
बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने प्रसाद को दोषी करार देते हुए उन्हें साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने देवघर कोषागार से कथित रूप से 89.27 लाख रुपये की फर्जी निकासी के मामले में प्रसाद की सजा पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें जमानत दे दी थी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले के कुल पांच मामलों में दोषी करार दिए गए हैं।

