अदालती फैसला: अपर न्याययुक्त ओंकारनाथ चौधरी की अदालत ने सुनाया निर्णय; साक्ष्यों के आधार पर जुर्म साबित
सजा पर सुनवाई: दोषी ठहराए गए अतुल मुंडा को कितनी मिलेगी सजा, अदालत 30 जून को करेगी मुकर्रर
- छेड़खानी से शुरू हुआ विवाद: 14 फरवरी 2022 को एक युवती से बत्तमीजी के बाद उपजा था दोनों पक्षों में तनाव।
- रिम्स में तोड़ा था दम: गंभीर रूप से घायल महेश सुरीन की इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई थी मौत।
Ranchi News: राजधानी के लालपुर थाना क्षेत्र के नगड़ा टोली में हुए चर्चित महेश सुरीन हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। रांची सिविल कोर्ट के अपर न्याययुक्त (Additional Judicial Commissioner) ओंकारनाथ चौधरी की अदालत ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी अतुल मुंडा को हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को हिरासत में लेने का निर्देश देते हुए सजा के बिंदु (Point of Sentence) पर सुनवाई के लिए आगामी 30 जून की तिथि निर्धारित की है।
विवाद सुलझाने गए थे, हो गई हत्या
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, इस पूरे खूनी खेल की शुरुआत 14 फरवरी 2022 की शाम करीब सात बजे हुई थी, जब एक युवती से छेड़खानी को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। आरोप है कि इस बात को लेकर अतुल मुंडा ने महेश और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की थी।
अगले दिन, यानी 15 फरवरी 2022 की शाम करीब 7:30 बजे महेश सुरीन अपने साथी अंकित मुंडा और नवीन मुंडा के साथ इसी विवाद को आपसी बातचीत के जरिए शांतिपूर्वक सुलझाने के उद्देश्य से अतुल मुंडा के घर गया हुआ था।
छत से नीचे लाते समय हथौड़े से किया वार
दर्ज प्राथमिकी (FIR) के मुताबिक, जब महेश और उसके दोस्त वहां पहुंचे, तो अतुल मुंडा अपने घर की दूसरी मंजिल पर सो रहा था। तीनों दोस्त उसे बात करने के लिए छत से नीचे लेकर आ रहे थे। इसी दौरान अचानक अतुल मुंडा ने तैश में आकर पास रखे हथौड़े से महेश सुरीन के सिर पर जोरदार वार कर दिया। हथौड़े की चोट से महेश लहूलुहान होकर वहीं गिर गया। उसे आनन-फानन में इलाज के लिए रिम्स (RIMS) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
भाई के बयान पर दर्ज हुआ था लालपुर थाना में केस
घटना के बाद मृतक महेश सुरीन के भाई राजेश सुरीन के लिखित बयान के आधार पर लालपुर थाना में कांड संख्या-25/2022 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अनुसंधान पूरा कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष कई चश्मदीद गवाह और फॉरेंसिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अतुल मुंडा को हत्या का मुख्य दोषी पाया। अब सबकी निगाहें 30 जून को आने वाले सजा के फैसले पर टिकी हैं।

