Ranchi News: टेरर फंडिंग (Terror Funding) से जुड़े एक बेहद चर्चित मामले में आरोपी झारखंड के कोयला कारोबारी विनीत अग्रवाल को पासपोर्ट नवीनीकरण (Passport Renewal) के लिए अदालत से बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने उनके पासपोर्ट को एक सीमित अवधि के लिए जारी करने का आदेश दिया है, ताकि उसकी एक्सपायरी को देखते हुए उसका नवीनीकरण कराया जा सके। हालांकि, अदालत ने अपने आदेश में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि आरोपी इस पासपोर्ट के आधार पर किसी भी स्थिति में देश छोड़कर विदेश यात्रा नहीं कर सकेगा।
अदालत द्वारा लगाई गई कड़ी शर्तें:
एनआईए की विशेष अदालत ने विनीत अग्रवाल को पासपोर्ट सौंपने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़ी शर्तें निर्धारित की हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा:
- वित्तीय सुरक्षा: आरोपी को एक लाख रुपये का इंडेम्निटी बॉन्ड (Indemnity Bond) और इतनी ही समान राशि (एक लाख रुपये) के दो सक्षम जमानतदारों (Sureties) को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
- शपथपत्र (Affidavit) की शर्त: आरोपी को कोर्ट में एक लिखित शपथपत्र देकर यह ठोस आश्वासन देना होगा कि वह इस अवधि के दौरान भारत से बाहर जाने के लिए किसी भी देश का वीजा (Visa) प्राप्त करने की कोशिश नहीं करेगा।
- पासपोर्ट वापस जमा करना: जैसे ही पासपोर्ट के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, आरोपी को बिना किसी देरी के नया पासपोर्ट तुरंत वापस अदालत (NIA Court) की कस्टडी में जमा कराना होगा।
क्या है पूरा मामला?
कोयला कारोबारी विनीत अग्रवाल एनआईए (NIA) द्वारा वर्ष 2018 में दर्ज किए गए एक बेहद चर्चित और बड़े टेरर फंडिंग मामले में आरोपी हैं। उनके खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है।
सुनवाई के दौरान एनआईए (NIA) के विशेष वकील ने इस आवेदन का पुरजोर विरोध किया था। जांच एजेंसी ने दलील दी थी कि आरोपी को पासपोर्ट मिलने पर उसके देश से फरार होने या कानूनी प्रक्रिया से बचने की आशंका है। हालांकि, विशेष अदालत ने आरोपी के पक्ष और पासपोर्ट के नवीनीकरण की व्यावहारिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, सुरक्षा मानकों के साथ सशर्त अनुमति प्रदान कर दी।

