Ranchi News: रांची के ज्यूडिशियल कमिश्नर अनिल कुमार मिश्रा (No-1) की अदालत ने जमीन मापी के विवाद में जानलेवा हमला करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने नामकुम थाना क्षेत्र के उनीडीह निवासी आरोपी लाल विश्वजीत राय उर्फ विश्वजीत राय को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर कुल ₹30,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्या है मामला? यह मामला 28 नवंबर 2017 का है। सूचक किशुन कुमार राय ने नामकुम थाने में प्राथमिकी (कांड संख्या 300/2017) दर्ज कराई थी। आरोप के अनुसार, जब सूचक अपनी जमीन पर अवैध मापी का विरोध करने पहुंचे, तो आरोपी मधुसूदन राय (जिसकी दौरान-ए-ट्रायल मृत्यु हो चुकी है) और लाल विश्वजीत राय ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में एक गोली सूचक के बाएं हाथ और दूसरी गोली बाएं पैर में लगी थी, जिसके बाद रिम्स (RIMS) में उनका इलाज कराया गया। अदालत ने पीड़ित के बयान, चश्मदीद गवाहों की गवाही और रिम्स के डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट को ठोस साक्ष्य मानते हुए आरोपी को कड़ी सजा सुनाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों धाराएं साथ-साथ चलेंगी।