Ranchi News: ऊर्जा संरक्षण और आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए न्यायिक अकादमी, झारखंड ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। अकादमी ने अपने सभी शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं को अब पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने का फैसला किया है। यह निर्णय वर्तमान ऊर्जा परिदृश्य और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस संबंध में अकादमी द्वारा सभी जिला न्यायालयों को पत्र निर्गत कर दिया गया है, जिसकी प्रति अकादमी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। यह कदम न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े हितधारकों के लिए प्रशिक्षण को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रमुख बिंदु:
- ऑनलाइन संचालन: न्यायिक अकादमी ने ईंधन और ऊर्जा की बचत को प्राथमिकता देते हुए अपनी सभी गतिविधियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है।
- प्रधानमंत्री की अपील का असर: उल्लेखनीय है कि 10 मई को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ऊर्जा बचत की अपील की थी, जिसे इस निर्णय का एक मुख्य आधार माना जा रहा है।
- प्रशिक्षण की क्षमता: अकादमी प्रतिमाह औसतन 5 से 6 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है, जिसमें लगभग 400 से 500 न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी और अधिवक्ता शामिल होते हैं।
- सुविधा और बचत: अब विभिन्न जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए रांची आने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने जिले से ही ऑनलाइन जुड़ सकेंगे, जिससे न केवल समय बचेगा बल्कि ईंधन की भी महत्वपूर्ण बचत होगी।