Ranchi News: टेंडर कमीशनखोरी की कथित राशि के मनी लाउंड्रिंग मामले में पिछले करीब दो वर्षों से जेल में बंद राज्य के पूर्व मंत्री Alamgir Alam और उनके आप्त सचिव रहे Sanjeev Lal गुरुवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार से बाहर आ गए। दोनों को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी, जिसके बाद गुरुवार को जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। अदालत में दोनों की ओर से बंध पत्र दाखिल किया गया। आलमगीर आलम के दो जमानतदारों में उनकी पत्नी भी शामिल रहीं। साथ ही दोनों आरोपियों की ओर से एक-एक लाख रुपये के दो निजी मुचलके भरे गए। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत से रिलीज आदेश जेल प्रशासन को भेजा गया, जिसके बाद दोनों को रिहा कर दिया गया।
गौरतलब है कि विशेष पीएमएलए अदालत और झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद दोनों ने 25 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद सर्वोच्च अदालत ने उन्हें राहत प्रदान की। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Alamgir Alam को 15 मई 2024 को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब संजीव लाल के घरेलू सहायक के घर से करीब 32 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद ईडी ने कथित टेंडर कमीशनखोरी और मनी लाउंड्रिंग के आरोपों में व्यापक जांच शुरू की थी।

