Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग जिले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका (PIL) दर्ज करने का निर्देश दिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अनूबा रावत चौधरी की खंडपीठ ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए जांच की प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत के समक्ष 29 मार्च 2026 को प्रकाशित एक समाचार के आधार पर जानकारी दी गई कि घटना 24 मार्च को विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में हुई थी और 25 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बावजूद कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। Court ने एमिकस क्यूरी हेमंत शिकरवार को बनाया है।
सुनवाई के दौरान हजारीबाग के एसपी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुए और बताया कि जांच जारी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि इतने गंभीर मामले में जांच की गति संतोषजनक नहीं है। कोर्ट ने यह भी पाया कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य अभी तक फॉरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजे गए हैं, जिसे लेकर डीजीपी को जांच कर शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही अदालत ने गृह सचिव, डीजीपी और एसपी हजारीबाग को नोटिस जारी किया है। पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है।
मामले को आगे की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

