Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित तेतरियाखंड कोयला खदान के पास हुई आगजनी और हिंसा मामले में सह-आरोपी आकाश कुमार रॉय उर्फ मोनू की जमानत याचिका दूसरी बार खारिज कर दी। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए एनआईए कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। अदालत में बताया गया कि आरोपी 10 जनवरी 2022 से जेल में बंद है और वह एनआईए कोर्ट में तीन बार तथा हाईकोर्ट में दो बार जमानत की गुहार लगा चुका है, लेकिन हर बार उसे राहत नहीं मिली।
यह मामला 18 दिसंबर 2020 का है, जब लातेहार जिले के बालूमाथ क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने वाहनों में आगजनी की, पुलिस पर फायरिंग की और चार लोगों को घायल कर दिया। घटनास्थल से बम के अवशेष, कारतूस, खाली गैलन और प्रदीप गंजू के हस्ताक्षर वाले धमकी भरे पर्चे बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी गैंगस्टर सुजीत सिन्हा और अमन साहू गिरोह का सक्रिय सदस्य है, जिसने हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने के साथ-साथ गिरोह को ठिकाना मुहैया कराया। मामले में आईपीसी, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया, जिसकी जांच बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई। एनआईए की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास ने पक्ष रखा। अदालत ने आरोपी की संलिप्तता को गंभीर मानते हुए उसे जमानत देने से इनकार कर दिया।

