मतपत्र पर शब्दों में लिखनी होगी वरीयता, अंक लिखने पर वोट होगा अमान्य
Ranchi News: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य भर के अधिवक्ता 12 मार्च को अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। इस बार काउंसिल के कुल 23 पदों के लिए लगभग 100 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 25 महिला उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं, जबकि कुल पांच सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
बार काउंसिल चुनाव के लिए राज्य भर में कुल 25,001 अधिवक्ता मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। काउंसिल की ओर से मतदाताओं की सूची भी जारी कर दी गई है। सभी जिला बार एसोसिएशन में मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई है और अधिवक्ताओं के बीच चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।
इस चुनाव में अधिवक्ताओं को वरीयता के आधार पर मतदान करना होगा। झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने मतदान की प्रक्रिया को लेकर नियम-30 के तहत विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार मतदाता को मतपत्र पर अपने पसंदीदा उम्मीदवार के सामने वरीयता शब्दों में लिखनी होगी।
निर्देश के अनुसार मतदाता अपने पहले पसंदीदा उम्मीदवार के सामने “One” लिखेंगे। इसके बाद अन्य उम्मीदवारों के सामने क्रमवार “Two”, “Three”, “Four”, “Five” आदि लिखकर वरीयता दर्ज की जा सकती है। यदि कोई मतदाता “1, 2, 3” जैसे अंकों में वरीयता दर्ज करता है तो उसका मत अमान्य घोषित किया जा सकता है।
इसके अलावा मतपत्र पर हस्ताक्षर करने या ऐसा कोई निशान लगाने की मनाही है, जिससे मतदाता की पहचान हो सके। बार काउंसिल ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदाता अपनी वरीयता बड़े या छोटे अक्षरों में लिख सकते हैं, लेकिन लिखावट साफ और स्पष्ट होनी चाहिए।
बार काउंसिल के अनुसार यदि मतदान के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर को नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो वह संबंधित मत को अमान्य घोषित कर सकता है। चुनाव को लेकर राज्य के सभी जिला बार एसोसिएशन में अधिवक्ताओं के बीच प्रचार-प्रसार भी तेज हो गया है और उम्मीदवार मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं।
मतदान के 5 जरूरी नियम
- पहले पसंदीदा उम्मीदवार के सामने “One” लिखें।
- अन्य उम्मीदवारों के सामने “Two, Three, Four…” लिखकर वरीयता दें।
- “1, 2, 3” जैसे अंकों में वरीयता लिखने पर वोट अमान्य हो सकता है।
- मतपत्र पर हस्ताक्षर या पहचान का कोई चिन्ह नहीं लगाएं।
- लिखावट साफ और स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि रिटर्निंग ऑफिसर पढ़ सके।

