एसीबी कोर्ट ने फर्जी बैंक गारंटी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज की
Ranchi News: निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे से जुड़े बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद मेसर्स मार्शल इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जगन तुकाराम देसाई को अदालत से बड़ा झटका लगा है। एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने देसाई की जमानत याचिका खारिज कर दी। गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे बाद में सुनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया गया। आरोपी की ओर से 5 जनवरी को जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसमें राहत देने की गुहार लगाई गई थी।
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जगन तुकाराम देसाई को 13 दिसंबर को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, मार्शल इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज को धनबाद जिले की खुदरा शराब दुकानों में मैनपावर आपूर्ति का ठेका मिला था। आरोप है कि यह ठेका फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर हासिल किया गया था, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन हुआ और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई। एसीबी के अनुसार, इस घोटाले में कई अन्य लोग भी संलिप्त हैं और जांच अभी जारी है। अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद आरोपी को फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। मामले को झारखंड के चर्चित भ्रष्टाचार प्रकरणों में से एक माना जा रहा है, जिसमें कई बड़े अधिकारियों और कंपनियों की भूमिका जांच के दायरे में है।

