2011 की घटना, 2016 में चार्जशीट, 2026 में फैसला, बरी
Ranchi News: ट्रक चालक के अपहरण और डकैती से जुड़े 14 साल पुराने मामले में अदालत ने चारों आरोपियों खतीबुल अंसारी, सलीम अंसारी, इज़हार अंसारी और इस्तियाक अंसारी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। फैसले की सबसे अहम वजह जांच अधिकारी की गंभीर लापरवाही मानी गई। सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त-V की अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन आरोप साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। कोर्ट ने पाया कि पूरे ट्रायल में केवल दो गवाह पेश किए गए और दोनों ही जांच अधिकारी थे। न तो सूचक ट्रक चालक और न ही उसका क्लीनर अदालत में पेश हुए। हैरानी की बात यह रही कि जांच अधिकारियों ने न पेट्रोल पंप के किसी कर्मचारी का बयान दर्ज किया और न ही लूटा गया ट्रक बरामद किया।
अदालत ने यह भी माना कि जांच अधिकारी आरोपियों की पहचान तक नहीं कर सके। ठोस साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती। जांच की खामियों के चलते मामला कमजोर पड़ा और अंततः चारों आरोपियों को बरी कर दिया गया।
न्यायिक देरी भी बनी कमजोर कड़ी
यह मामला 8 मई 2011 की घटना से जुड़ा था।
- FIR: 9 मई 2011
- चार्जशीट: 28 मार्च 2016
- आरोप गठन: 5 जुलाई 2022
- फैसला: 24 जनवरी 2026
लंबे अंतराल और कमजोर जांच ने भी केस को कमजोर किया।