Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती देने वाली पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस चरण में हाईकोर्ट का हस्तक्षेप उचित नहीं है। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन की अवहेलना के मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ निचली अदालत में शिकायतवाद दर्ज कराया है, जिसकी सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस शिकायत पर संज्ञान लिया था, जिसे हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट से आग्रह किया था कि एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा लिया गया संज्ञान गलत है और इसे रद्द किया जाए। हालांकि, अदालत ने उनकी दलीलें स्वीकार नहीं कीं और याचिका खारिज कर दी।
ईडी की ओर से दर्ज शिकायतवाद में कहा गया है कि जमीन घोटाला मामले की जांच के दौरान हेमंत सोरेन को कुल 10 समन जारी किए गए थे, लेकिन वे केवल दो समन पर ही ईडी के समक्ष उपस्थित हुए। ईडी के अनुसार, हेमंत सोरेन 20 जनवरी को जारी 8वें समन और 31 जनवरी को जारी 10वें समन पर उपस्थित हुए थे, जबकि अन्य समनों की अनदेखी की गई। ईडी का दावा है कि यह कृत्य समन की अवहेलना की श्रेणी में आता है, इसी आधार पर उनके खिलाफ शिकायतवाद दर्ज किया गया है। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।

