Ranchi News: मदरसा शिक्षक के पेंशन और ग्रेच्युटी से जुड़े मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से पूछा कि 13 जून 2024 को दिए गए आदेश का अब तक अनुपालन क्यों नहीं किया गया। अदालत ने राज्य के अधिवक्ता से यह स्पष्ट करने को कहा कि किस परिस्थिति में आदेश लागू नहीं किया गया, लेकिन सरकारी पक्ष की ओर से कोई जवाब पेश नहीं हुआ। पूर्व में भी कोर्ट ने सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया था, परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और निदेशक माध्यमिक शिक्षा को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी बताएं कि आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया और उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2014 के बाद मदरसा शिक्षकों को पेंशन और ग्रेच्युटी लाभ से वंचित करने का संकल्प जारी किया था। इस संकल्प को हाई कोर्ट ने पूर्व में रद्द करते हुए लाभ देने का आदेश दिया था। आदेश के अनुपालन न होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। मामले की अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद होगी।

