Ranchi: सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के मधुकम महुआ टोली निवासी सिविल कोर्ट रांची के अधिवक्ता गोपी कृष्ण हत्याकांड में मंगलवार को बड़ा फैसला आया। अपर न्यायायुक्त 18 की अदालत ने घटना के एक साल तीन महीने के भीतर ट्रायल फेस कर रहे तीन अभियुक्तों में से रोशन मुंडा और संदीप कालिंदी को दोषी करार दिया है। वहीं, तीसरे आरोपी खेमलाल कालिंदी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।अदालत ने दोनों दोषियों की सज़ा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।
क्या थी घटना: जानकारी हो कि 2 अगस्त 2024 को अधिवक्ता गोपी कृष्ण की उस समय निर्मम हत्या कर दी गई थी, जब वे अपने घर के पास खड़े थे। एक अपराधी ने अचानक उन पर हमला किया और उनके सिर के बीचों-बीच चाकू घोंप दिया था। रिम्स में मृत अधिवक्ता के सिर से चाकू निकाला गया था। रांची पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के तीसरे दिन ही 5 अगस्त 2024 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस फैसले पर जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने कहा कि परिवार को न्याय मिला है। उनकी पत्नी को संत्वाना भी देता रहा है। दोषी पाए गए अभियुक्तों को अधिकतम से अधिकतम सजा (मौत की सजा)की मांग करते हैं। ताकि समाज में एक अच्छा संदेह जाए। इस फैसले से अधिवक्ताओं की एकजुटता नजर आई है। अधिवक्ता बिरादरी की मांग है कि दोषियों को कठोरतम सज़ा मिले।

