Ranchi: रांची की जर्जर सड़कों की हालत की जांच अब रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार ( डालसा) करेगा। झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को डालसा को सड़कों का सर्वे कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने यह निर्देश दिया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शपथपत्र दाखिल किया गया। अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार के अधीन लेक रोड. हजारीबाग रोड(लालपुर -कोकर रोड) डंगरा टोली पीस रोड जंक्शन, पुराने हाईकोर्ट के पीछे की सड़क, मोरहाबादी -टैगोर हिल रोड, सेवा सदन पथ की रखरखाव एवं मरम्मत का काम सरकार लगातार कर रही है। यह सभी सड़क अच्छी स्थिति में हैं। प्रार्थी शुभम कटारुका ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सरकार का दावा सही नहीं है। इन सड़कों की स्थिति आज भी बदतर है. इन सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, हल्के वाहन अक्सर इन सड़कों पर पलट जाते हैं। गड्ढों के कारण इन सड़कों पर टू व्हीलन अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है।
कोर्ट में प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी( डालसा) सरकार के अधीन सड़कों का सड़कों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता से यह भी पूछा कि रांची नगर निगम की ओर से कुछ सड़कों लालजी हीरजी रोड, विष्णु टॉकीज लेन, मधुकम रोड और माउंट मोटर रोड की मरम्मत के लिए 25 सितंबर 2024 एवं 6 मार्च 2025 को नगर विकास विभाग से पत्राचार के माध्यम से फंड मांगी गई थी, यह फंड उन्हें अबतक क्यों नहीं दी गई है। इस पर अपर महाधिवक्ता ने कहा कि इस पर विभाग से निर्देश लेकर जानकारी दी जाएगी। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 12 जून को निर्धारित कर दी।

