high court news

विजेता कंस्ट्रक्शन कंपनी ही करेगी रिम्स में हॉस्टल का निर्माण, एग्रीमेंट रद करने का सरकार का आदेश निरस्त

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 12 Dec, 2023
2 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
jharkhand high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में रिम्स में छात्रावास का निर्माण करने वाली कंपनी विजेता कंस्ट्रक्शन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद अदालत ने झारखंड भवन निर्माण निगम के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें विजेता कंस्ट्रक्शन कंपनी के समझौते (एग्रीमेंट) को रद किया गया था।

अदालत ने आदेश में कहा है कि विजेता कंपनी रिम्स में छात्रावास बनाने का कार्य हर हाल में 31 जनवरी 2024 तक पूरा कर लें। यदि किसी कारणवश ऐसा संभव नहीं होता है तो संबंधित प्राधिकार से समय बढ़ाने के लिए कंपनी आग्रह कर सकती है।

See also  CJ बोले- न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, नए कानून में न्यायिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ की गुंजाइश नहीं- Court News

रिम्स में एक हजार कमरों का बन रहा छात्रावास

RIMS in Ranchi

रिम्स परिसर में पांच सौ कमरे का लड़कों और पांच सौ कमरों का लड़कियों के लिए छात्रावास बनाने कार्य विजेता कंस्ट्रक्शन को मिला था। जिसके निर्माण में देर हुई। काम पूरा नहीं होने के कारण समझौता रद करते हुए जमा राशि जब्त कर ली गई थी।

जिसके खिलाफ विजेता कंस्ट्रक्शन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत कोबताया कि कंपनी ने 97 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।

विजेता कंपनी में 97 प्रतिशत पूरा किया काम

विभाग की ओर से 95 प्रतिशत कार्य पूरा होने की बात कही जा रही है। ऐसे में समझौता रद करने का कोई औचित्य नहीं है। भवन निर्माण निगम की ओर से पारित आदेश नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है।

See also  JSSC New Rules: सिर्फ राज्य के संस्थानों से 10-12वीं पास होनेवाले ही नियुक्ति योग्य, संशोधित नियमावली पर एक दिसंबर को सुनवाई करेगा हाईकोर्ट

अदालत ने पूर्व में झारखंड भवन निमार्ण निगम को काम का आकलन करने का निर्देश दिया था। इस पर अदालत ने कहा कि जब लगभग काम पूरा हो चुका है तो बचे हुए काम के लिए दोबारा टेंडर करने से राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान होगा।

अदालत ने विजेता कंस्ट्रक्शन कंपनी को अपने अंडरटेकिंग के अनुसार किसी भी परिस्थिति में 31 जनवरी 2024 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया है।

Facebook PageClick Here
WebsiteClick Here
Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment