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पटना हाईकोर्ट ने लवकुश गुफा की पहाड़ियों पर हो रहे खनन पर लगाई रोक

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 22 Jul, 2021
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Patna high court
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Patna: पटना हाईकोर्ट ने नवादा में लोमश और याज्ञवल्क्य नाम की दो पहाड़ियों में उत्खनन पर रोक लगा दी। इनकी दीवारों पर ऐतिहासिक चित्रों वाली गुफाएं हैं। माना जाता है कि पहाड़ियों को रामायण युग के ऋषियों के रहने के स्थान के साथ-साथ लव और कुश के जन्मस्थान के रूप में माना जाता है, जब भगवान राम की पत्नी सीता वनवास में थीं।

चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ नवादा में रजौली के विनय कुमार सिंह की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई की। इसमें मंदिरों, गुफाओं और सीढ़ियों के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व वाले दोनों पहाड़ियों के आसपास के पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी।

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इन ऐतिहासिक चीजों में हजारों साल पुराना एक पानी का फव्वारा भी शामिल है जो उत्खनन के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पीठ ने राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा।
वादी ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह अधिकारियों को क्षेत्र में खनन गतिविधियों को स्थायी रूप से बंद करने और दोनों पहाड़ियों को विरासत और संरक्षित स्थलों के रूप में घोषित करने का आदेश दे और उन्हें रामायण सर्किट में शामिल किया जाए।

दाखिल जनहित याचिका में बताया गया है कि 1906 के राजपत्र में अंग्रेजों ने भी पहाड़ियों के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला था। हाईकोर्ट को बताया गया है कि पर्यावरण और वन विभाग को क्षेत्र में उत्खनन के लिए अपनी मंजूरी वापस लेने का निर्देश दिया जाए। अदालत को अवगत कराया गया कि विस्फोट से चट्टान के कण आसपास के ग्रामीणों को चोट पहुंचा रहे हैं और वन्यजीवों को प्रभावित कर रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वकील बृशकेतु शरण पांडेय, जबकि केंद्र की ओर से सहायक सॉलिसिटर जनरल तुहिन शंकर और राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील राघवानंद पेश हुए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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