कोडरमा घाटी की जर्जर सड़क पर हाईकोर्ट ने एनएचएआई से कहा- जल्द बनाएं चलने योग्य सड़क

अदालत ने कहा कि पहले उस सड़क को वाहन के चलने योग्य बनाएं। साथ ही फोर लेन की बनाने की प्रक्रिया जारी रखें। वन एवं पर्यावरण सचिव ने कहा कि एनएचएआइ की ओर से इसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति दे दी गई है।

रांचीः झारखंड हाईकोर्ट कोडरमा घाटी की जर्जर सड़क को वाहन चलने योग्य बनाने का निर्देश एनएचएआइ को दिया है। अदालत ने कहा कि इस सड़क से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क खराब होने पर हादसे हो सकते हैं।

इसके बाद चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने एनएचएआइ से 22 जनवरी तक इसकी अद्यतन रिपोर्ट मांगी है।

अदालत ने पथ निर्माण सचिव से पूछा कि इस सड़क की मरम्मत किसके जिम्मे है क्योंकि इस सड़क की हालत बहुत ही खराब है। उनकी ओर से कहा गया कि जुलाई माह में उक्त सड़क को एनएचएआइ को सौंपा गया था।

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इसकी प्रक्रिया नवंबर में पूरी हो पाई है। अदालत ने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि जुलाई से नवंबर तक इस सड़क की मरम्मत ही नहीं की गई है।

अदालत ने सचिव से पूछा कि पिछले पांच सालों में इस सड़क की मरम्मत को लेकर कितना खर्च किया गया। सचिव ने इसकी जानकारी नहीं होने की बात ही। इसके बाद एनएचएआइ के अधिकारी ने बताया कि उक्त सेक्शन में फोर लेन का काम किया जाना है।

अदालत ने कहा कि पहले उस सड़क को वाहन के चलने योग्य बनाएं। साथ ही फोर लेन की बनाने की प्रक्रिया जारी रखें। वन एवं पर्यावरण सचिव ने कहा कि एनएचएआइ की ओर से इसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति दे दी गई है।

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