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Selection Pay Scale: 25 हजार शिक्षकों को नहीं मिला लाभ, हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशक को किया तलब

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 25 Nov, 2021
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Ranchi: Selection Pay Scale झारखंड हाईकोर्ट शिक्षकों के प्रवरण वेतनमान नहीं देने के मामले में माध्यमिक शिक्षा निदेशक को अवमानना नोटिस जारी करते हुए तलब किया है। अदालत ने निदेशक से पूछा है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जाए। नौ दिसंबर को निदेशक को अदालत में उपस्थित होकर जवाब देना है।

हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में इस मामले में दाखिल अवमानना मामले में सुनवाई करते हुए उक्त आदेश पारित किया है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता सुबोध कुमार पांडेय ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2015 में एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा था कि राज्य के सभी शिक्षकों को प्रवरण वेतनमान (प्रोन्नति के साथ वेतनमान में बढ़ोतरी) और वरीय वेतनमान बढ़ोतरी दी जाए।

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इसको लेकर राज्य के सभी जिलों में उपायुक्त की अध्यक्षता में स्थापना कमेटी बनाई गई। कमेटी ने मेरिट लिस्ट बनाकर सभी शिक्षकों को प्रवरण और वरीय वेतनमान देने की अनुशंसा की। लेकिन देवघर, पाकुड और गढ़वा के शिक्षकों को दोनों का लाभ दिया गया। जबकि अन्य जिलो में सिर्फ वरीय वेतनमान में बढ़ोतरी की गई। राज्य के करीब 25 हजार शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिला है।

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प्रार्थी सुनील कुमार शुक्ला की वर्ष 1998 में ओरमांझी के सदमा प्रोजेक्ट हाई कोर्ट में शिक्षक के रूप में नियुक्ति हुई थी। नियमानुसार संतोषप्रद सेवा पाए जाने के 12 साल में प्रवरण वेतनमान और 24 साल की संतोषप्रद सेवा के बाद वरीय वेतनमान में बढ़ोतरी की जाती है। लेकिन इन्हें अभी तक इसका कोई लाभ नहीं मिला है। जबकि वे जनवरी 2018 को सेवानिवृत्त भी हो गए हैं।

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इस मामले में वर्ष 2015 में ही हाई कोर्ट ने सभी तरह का लाभ देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया था। लेकिन सरकार की ओर से कुछ भी नहीं किया गया। इस पर उनकी ओर से अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक हर्ष मंगला को कोर्ट में पेश होकर यह बताने को कहा है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ अवमानना का मामला चलाया जाए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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