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Uranium Case in Bokaro: जब्त यूरेनियम मामले की जांच कर सकती है एनआईए, हाईकोर्ट ने केस से संबंधित सभी दस्तावेज सौंपने को कहा

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 04 Dec, 2021
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jharkhand high court
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Ranchi: Seized uranium case in Bokaro झारखंड के बोकारो के हरला थाना क्षेत्र में पकड़े गए यूरेनियम की जांच अब एनआईए (NIA) द्वारा कराए जाने की संभावना है। झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High court) ने इस मामले में एनआईए को प्रतिवादी बनाया है। साथ ही उसे केस संबंधित सभी दस्तावेज सौंपने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है।

जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने पुलिस के जब्त किए गए यूरेनियम जैसे पदार्थ को भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के साथ इंदिरा गांधी एटॉमिक रिसर्च सेंटर कलपक्कम, तमिलनाडू या राजा रमन्ना रिसर्च सेंटर, इंदौर में कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि यूरेनियम जैसा पदार्थ का मिलना काफी गंभीर है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा और अति गंभीर मामला है। इसलिए इसकी जांच एनआईए से कराना उचित होगा।

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अदालत ने बार्क और अन्य न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर की सीलबंद रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। बोकारो पुलिस ने दो जून 2021 को करीब सात किलो यूरेनियम जब्त किया था। बोकारो की निचली अदालत ने इस मामले के छह आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी थी।

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एक आरोपी कृष्ण कांत राणा की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। जमानत के लिए राणा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने इसे गंभीर मामला माना और बोकारो के एसपी को कोर्ट में तलब किया। सुनवाई के दौरान एसपी ने अदालत को बताया कि इस मामले का अनुसंधान जारी है।

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जब्त किए गए सैंपल की जांच जादूगोड़ा स्थित यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआइएल) से कराई गई है। यूसीआइएल ने जांच में जब्त पदार्थ के यूरेनियम नहीं होने की बात कही। लेकिन इसे यूरेनियम जैसा बताया। अदालत ने एसपी से कहा कि यह संगीन और गंभीर मामला है।

यूरेनियम काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण पदार्थ है। इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। इसके बाद अदालत ने एनआइए को प्रतिवादी बनाते हुए इस केस से जुड़े सभी दस्तावेज देने का निर्देश सरकार को दिया। अदालत ने राणा को फिलहाल जमानत देने से इन्कार करते हुए जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सुनवाई करने की बात कही।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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