Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट में तीन न्यायिक अधिकारियों को जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंजूरी दे दी है। 10 सितंबर 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा के नामों को हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्ति के लिए मंजूरी दी गई। कॉलेजियम की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में झारखंड हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्ति के लिए इन तीन न्यायिक अधिकारियों के नामों का अनुमोदन किया गया। अब नियुक्ति की आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कॉलेजियम की मंजूरी के बाद तीनों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद तीनों न्यायिक अधिकारी झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे।
जानिए तीनों नए जजों का परिचय व शैक्षणिक सफर:
1. मनोज प्रसाद (प्रधान जिला जज, गढ़वा)
जन्म व प्रारंभिक शिक्षा: मनोज प्रसाद का जन्म वर्ष 1973 में देवघर में हुआ था। उन्होंने स्कूली शिक्षा सेंट फ्रांसिस स्कूल, देवघर से पूरी की।
शैक्षणिक योग्यता: वर्ष 1988 में ICSE बोर्ड से मैट्रिक तथा 1990 में पटना कॉलेज (BIEC) से इंटरमीडिएट किया। इसके बाद पटना विश्वविद्यालय से स्नातक और 1999 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से LLB की डिग्री हासिल की।
करियर: वर्ष 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में बतौर अधिवक्ता पंजीकृत हुए और देवघर जिला अदालत में मुख्य रूप से सिविल मामलों में वकालत की। 4 मई 2012 को वे अपर न्यायिक आयुक्त (Ranchi) के रूप में झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए।
2. राम शर्मा (प्रधान जिला जज, डालटनगंज)
जन्म व प्रारंभिक शिक्षा: इनका जन्म 7 जुलाई 1968 को दिल्ली में हुआ। इन्होंने 1984 में मैट्रिक और 1986 में CBSE बोर्ड से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।
शैक्षणिक योग्यता: वर्ष 1994 में दिल्ली से LLB की पढ़ाई पूरी की।
करियर: वर्ष 1994 में दिल्ली बार काउंसिल में वकील के रूप में पंजीकृत हुए। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट तथा दिल्ली की विभिन्न निचली अदालतों में सिविल और क्रिमिनल मामलों में लंबे समय तक प्रैक्टिस की। 26 मई 2012 को वे झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए।
3. अखिल कुमार (प्रधान जिला जज, साहिबगंज)
जन्म व प्रारंभिक शिक्षा: इनका जन्म 6 जनवरी 1972 को पटना (बिहार) में हुआ। शुरुआती पढ़ाई पटना से ही पूरी करने के बाद 1986 में मैट्रिक और 1988 में पटना कॉलेज से इंटरमीडिएट किया।
शैक्षणिक योग्यता: पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज से समाजशास्त्र (Sociology) में ऑनर्स के साथ स्नातक किया। इसके बाद 1999 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से LLB की डिग्री प्राप्त की।
करियर: वर्ष 1999 में अधिवक्ता के रूप में नामांकित होकर पटना हाईकोर्ट और पटना जिला अदालत में सिविल व क्रिमिनल मुकदमों की वकालत की। बाद में झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस का हिस्सा बने।

