Ranchi: दहेज हत्या के गंभीर आरोप में चल रहे एक मामले में अदालत ने अभियोजन पक्ष की विफलता पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आरोपी को बरी कर दिया। सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त 15 की अदालत ने आरोपी पति अवनीश कुमार दुबे को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि तीन वर्षों के दौरान अभियोजन पक्ष एक भी गवाह को अदालत में पेश नहीं कर पाया, जिसके कारण मामला ‘नो एविडेंस’ की स्थिति में पहुंच गया।
यह मामला वर्ष 2020 में दीपिका कुमारी की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। मृतका के पिता जितेंद्र मिर्धा ने फर्दबयान में आरोप लगाया था कि वर्ष 2018 में हुई शादी के बाद से ही अवनीश और उसकी बहन पुनम कुमारी अधिक दहेज की मांग को लेकर दीपिका को प्रताड़ित करते थे। उन्होंने संदेह जताया था कि 7 सितंबर 2020 को दीपिका को जहर देकर मार दिया गया। जांच के उपरांत सुखदेव नगर थाना पुलिस ने दहेज हत्या का आरोप सही पाते हुए चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद 8 जुलाई 2022 को अदालत ने आरोप तय कर ट्रायल शुरू किया।
रिकॉर्ड के अनुसार 20 जुलाई 2023 को गवाहों को पहली बार समन भेजा गया। इसके बाद 13 अक्तूबर 2023 को जमानती वारंट तथा 11 जून 2024 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। वरीय पुलिस अधिकारियों को भी पत्र लिखकर गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया, लेकिन तीन वर्षों में एक भी गवाह पेश नहीं हुआ। लगातार नाकामी को देखते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में पूरी तरह असफल रहा है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी अवनीश कुमार दुबे को बरी कर दिया।