Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में पैनम कोल माइंस द्वारा अवैध खनन के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान दुमका के सर्टिफिकेट ऑफिसर द्वारा जारी कुर्की-जब्ती आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने वर्धमान (पश्चिम बंगाल) के एसपी को कुर्की में झारखंड पुलिस की सहायता करने का आदेश भी दिया है। कोर्ट को बताया गया कि पैनम कोल माइंस पर कोयला खनन की रॉयल्टी के रूप में करीब ₹118 करोड़ बकाया है।
कंपनी पर लीज से अधिक कोयला खनन करने और सरकार को ₹100 करोड़ से अधिक के राजस्व नुकसान का आरोप है। पूर्व में हुई जांच में अवैध खनन और पुनर्वास जैसे मसलों की पुष्टि होने के बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इस मामले में अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने जनहित याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 11 अगस्त निर्धारित की है।

