Ranchi: शराब घोटाले के आरोपी IAS अफसर विनय चौबे को हाईकोर्ट से झटका लगा है। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने शुक्रवार को उन्हें किसी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। विनय चौबे ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया था और एसीबी की कार्यवाही और प्राथमिकी रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। विनय चौबे की ओर से अदालत को बताया गया कि गिरफ्तारी के पहले जो प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, उसका पालन एसीबी ने नहीं किया है। आरोपी को गिरफ्तारी का कारण बताना होता है, लेकिन एसीबी ने ऐसा नहीं किया। उनकी गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन का भी पालन नहीं हुआ है, इसलिए गिरफ्तारी को निरस्त किया जाए।
जबकि सरकार की ओर से इसका विरोध किया गया और बताया गया कि गिरफ्तारी में नियमों का पालन किया गया है। आरोपी के खिलाफ साक्ष्य मिले थे और पूछताछ के बाद साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गयी है। बता दें कि एसीबी ने 20 मई को विनय चौबे और तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। छत्तीसगढ़ में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रांची एसीबी ने मामले में वर्ष 2024 में प्रारंभिक जांच (पीई) की थी। आरोप सही पाए जाने पर उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।

