Ranchi: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन( एनआरएचएम) के तहत झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में करीब 130 करोड़ रुपए की हुई दवा घोटाले ट्रायल फेस कर रहा आरोपी बिचौलिया श्यामल चक्रवर्ती को विदेश जाने की इजाजत सिविल कोर्ट रांची की सीबीआई कोर्ट ने सशर्त प्रदान कर दी है। अदालत ने उसे 25 दिनों की विदेश यात्रा की अनुमति प्रदान की है। श्यामल चक्रवर्ती दवा घोटाले में मुख्य आरोपी सेवानिवृत्त आईएएएस अधिकारी सह तत्काली स्वास्थ्य सचिव डॉ. प्रदीप कुमार का नजदीकी है। उसकी बेटी लंदन में पढ़ाई कर रही है। पढ़ाई पूरी होने के बाद उसे आर्किटेक्चर एसोसिएशन स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर में स्नातक समारोह में भाग लेने के लिए परिवार के साथ आमंत्रित किया गया है।
इसी में हिस्सा लेने के लिए पिछले दिनों पासपोर्ट जारी करने का अनुरोध करते हुए याचिका दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई पश्चात अदालत ने अनुमति प्रदान की है। सीबीआई ने साल 2009 में मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। लंदन की यात्रा 10 से 15 जून के बीच होगी। जबकि वापसी की तारीख 5 से 10 जुलाई के बीच है। विदेश से आने के बाद पांच दिनों के अंदर सशरीर उपस्थित होकर पासपोर्ट जमा करने का निर्देश अदालत ने दिया है। साथ ही अदालत ने पासपोर्ट लेने के लिए 10 लाख रुपए का क्षतिपूर्ति बांड के रूप अपनी संपत्ति के मूल कागजात जमा करने को कहा गया है। हालांकि सीबीआई की ओर से पासपोर्ट जारी करने का विरोध किया गया था। सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता ने एक मार्च 2024 को भी गोद भराई की रस्म में सिंगापुर की यात्रा की थी। बारबार विदेश जाने की मांग का जोरदार विरोध किया गया।